Chandigarh : Brahma Kumari Sisters tied sacred Rakhi to Administrator

On the auspicious occasion of Raksha Bandhan, Brahma Kumari Sisters tied sacred Rakhi to H.E. Sh. V.P. Singh Badnore – Hon’ble Governor Punjab & Administrator, UT Chandigarh,

Sh. Manoj Kumar Parida, IAS- Advisor to the Administrator, UT Chandigarh

Sh. Ajoy Kumar Sinha, IAS -Finance Secretary, UT Chandigarh

Sh. Sanjay Bainiwal, IPS- Director General of Police, Chandigarh, UT

Padam Shree R.K. Saboo, Former President Rotary International Ltd.,

Police Officers, many High Court Judges and Many Senior IAS officers of Punjab, Haryana and Chandigarh.

BK Shivani Behn Program in Chandigarh on 26th May 2019

BK Shivani Behn was here in Chandigarh on 26th May 2019.
Two programs were organized. Class for Brahmin Family after murli class and Program on “Emotional Fitness” for VIPs and others.
 
VIPs attended the program:
Hon’ble Justice Mrs. Daya Chaudhary, Punjab & Haryana High Court
Hon’ble Justice Mr. Arun Palli, Punjab & Haryana High Court
Hon’ble Justice Mr. Anil Khetrapal, Punjab & Haryana High Court
Sh. Manoj Parida, IAS- Adviser to the Administrator, Chandigarh
Sh. J.M. Balamurugan, IAS. Principal Secretary to Governor, Punjab
Hon’ble Justice S.K. Aggarwal
Sh. S K Verma, IPS-DGP Punjab
 
 
and many more Judges, IAS Officers, Media Persons, Doctors, Police Officers, Social Workers etc.
 
News:
Emotional Fitness- भावनात्मक स्वास्थ्य
परमात्मा ज्ञान द्वारा सर्व के प्रति सद्भावना प्रेम व दुआयें

चण्डीगढ़ – 26 मई 2019
आज चण्डीगढ़ में ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम  Emotional Fitness आयोजित हुआ जिसमें विश्व विख्यात वक्ता राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी शिवानी बहिन ने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक स्वास्थ्य सुदृढ़ करने के बहुत ही सरल और प्रैक्टिकल सूत्र बताये ।

भ्राता अमीर चन्द जी ने शिवानी बहिन को चण्डीगढ़ आने पर धन्यवाद किया और उनका स्वागत करते हुए कहा कि मनुष्य का जीवन परमात्मा की सबसे खूबसूरत कृति है और वह वस्तुतः सुन्दर बनती है सच्चाई के जीवन से, जीवन मूल्य अपनी ज़िन्दगी में अपनाने व उतारने से । हाईकोर्ट की माननीय जज श्रीमति दया चैधरी जी ने शिवानी बहिन का फूलों के साथ अभिनन्दन किया ।

शिवानी बहिन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि मैडिटेशन यानि ध्यान अपने आत्मिक और वास्तविक स्वरूप में रहने का नाम है । यह तो 24 घण्टे की प्रक्रिया है जिसे हमें होशपूर्वक करना चाहिए। बहुत ही सरल शब्दों में उन्हों ने बताया कि रोज़मर्रा में जब भी हम किसी से मिलते हैं हम कहते हैं “क्या हाल चाल है“ । वस्तुतः जैसा मन का हाल होता है वैसी ही व्यक्ति की चाल हो जाती है । हाल हमेषा खुशहाल और चाल हमेषा फरिष्तों जैसी होनी चाहिए । यह हर आत्मा की वास्तविकता होनी चाहिए लेकिन अगर हमारी मनःस्थिति परिस्थिति पर निर्भर है तो यह सम्भव नहीं होगा क्योंकि परिस्थिति कभी भी पूर्णतया हमारे मुताबक नहीं होगी । ज़िन्दगी की परिस्थिति मापदण्ड नहीं कि मेरी मनःस्थिति कैसी है वरन् मैं उस परिस्थिति में कैसी प्रतिक्रिया देता हूँ उस पर मेरी मनःस्थिति व मेरी ज़िन्दगी में मेरी खुशहाली निर्भर करेगी ।

जैसे हम सबको अपने शारीरिक स्वास्थ्य की फिक्र रहती है उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हमारा भावनात्मक व मानसिक स्वास्थ्य होना चाहिए ।  WHO  के अनुसार इस समय भारत विष्व में डिप्रैशन में नम्बर एक के स्थान पर है ।  हमारी मानसिक स्थिति दिन प्रतिदिन कमज़ोर होती जा रही है क्योंकि हमने अपनी मान्यता कुछ इस ढ़ंग से बना ली है कि दुःख, गुस्सा, चिन्ता आदि हमें अपने मूल संस्कार मालूम होते हैं । वास्तव में हम भूल गए हैं कि आत्मा का मूल स्वरूप प्रेम, पवित्रता, सत्य, शान्ति, प्रसन्नता व आनन्द है ।
हर माँ बाप अपने बच्चे से प्रेम करते हैं इसलिए कहते हैं कि हमें उसकी फिक्र है । यहाँ हमें समझना यह है कि अगर हम अपने बच्चे के प्रति फिक्र की भावना रखेंगे तो जिस ताकत की अपेक्षा वह अपने माता पिता से रखता है उसे वह प्राप्त न होगी बल्कि उसकी शक्ति और भी क्षीण हो जाएगी । इसलिए हमें फिक्र नहीं बच्चे की केयर करनी है ऐसा सकारात्मक भाव उत्पन्न करना है ।

आज ज़िन्दगी में सब साधन होते हुए भी एक खालीपन महसूस होता है क्योंकि हमने अपनी खुषी दूसरों की प्रतिक्रिया पर आश्रित कर दी है । हमने अपने को दूसरों की प्रतिक्रिया का गुलाम बना दिया है । वह खुश तो हम खुश, वह नाराज़ तो हम नाराज़, और तो और हम इतना तक कहते हैं कि हमारी राषि ही खराब है या मैं तो अपने पिता पर गया हूँ । सबसे महत्वपूर्ण है कि औरों को कापी करके हमें कभी भी अपना संस्कार नहीं बनाना । मेरे मन का रिमोट मेरे पास ही होना चाहिए अर्थात् हमें भावनात्मक रूप ( Emotionally Independent ) से स्वतन्त्र बनना चाहिए । अगर हम दूसरों के संस्कार में उलझ जाते हैं तो हमारी आत्मिक उन्नति सम्भव नहीं ।

उन्होंने आत्मा के संस्कारो के पाँच सूत्र बताए:
1 आत्मा अपने साथ पिछले जन्मों से संस्कार लेकर आती है ।
2 हर आत्मा को इस जीवन में कुछ संस्कार उसके परिवार से प्राप्त होते हैं ।
3 पर्यावरण व समाज का प्रभाव भी आत्मा के संस्कारों पर पड़ता है ।
4 विल पावर द्वारा आत्मा के बहुत से संस्कार बदले जा सकते हैं ।
5 आत्मा के मूलभूत संस्कार जैसे प्रेम, सत्य, पवित्रता, आनन्द आदि परमात्म ज्ञान से उजागर होते हैं ।
शिवानी बहिन ने कुछ सूत्र भावनात्मक व मानसिक स्वास्थ्य सुदृढ़ करने के लिए भी दिए ।
1 अन्न का सर्वाधिक प्रभाव मन पर पड़ता है, सात्विक भोजन से मन शुद्ध होता है ।
2 पानी का सीधा प्रभाव वाणी पर पड़ता है । पानी का सेवन परमात्मा की याद में रहते हुए करना चाहिए।
3 रात को सोने से एक घण्टा पहले और सुबह उठने से एक घण्टे तक मन की स्थिति अच्छी होनी चाहिए । इस समय मोबाइल, अखबार इत्यादि का प्रयोग न करें।
4 दिन में हम जो भी देखते, सुनते, पढ़ते हैं उसकी सकारात्मकता पर ध्यान दें।
5 यदि किसी ने हमारा दिल दुखाया है तो हमें केवल उसे माफ़ी, प्रेम व दुआएं भेजनी हैं और बदले में हम उससे कुछ अपेक्षा न रखें।
6 निन्दा और स्तुति को एक समान लेना चाहिए।
7 दूसरों के व्यवहार से अपना भाग्य नहीं बिगाड़ना है।
8 परमात्मा से दुआयें लेकर अन्य आत्माओं को प्रेम सहित दुआयें भेजनी हैं।

Shiv Jayanti Celebrations at Chandigarh: ​Justice Mrs. Daya Chaudhary was the Chief Guest

On the occasion of Maha Shivratri a special program was organised by Brahma Kumaris Chandigarh at Rajyoga Bhawan, Sector 33-A on Monday, 4th March 2019 in the morning. After the murli class Prabhat Pheri was organised to spread the message of baba with contingent of 1500 BKs walking around 4 km in the city.

After that a beautiful programme of Felicitation of some dignitaries of the city was there followed by Flag Hoisting of Shiv Baba.

Hon’ble Justice Mrs. Daya Chaudhary, Punjab & Haryana High Court was the Chief Guest of the event.

In the evening a public program was organised in which around 500 souls received the message of Spiritual Significance of  MahaShivRatri

Guests on Stage:

Mr. Manoj Parida, IAS- Adviser to the Administrator, Chandigarh

Mrs. Manoj Parida- Wife of Adviser to the Administrator, Chandigarh

Sh. Saurabh Misha, IAS- Additional Commissioner, Municipal Corporation, Chandigarh

BK Amir Chand- Director, North Zone

BK Uttra Didi- Director, Chandigarh Circle

PRESS NOTE FROM BRAHMAKUMARIS, SECTOR 33, CHANDIGARH

Headline

Brahmakumaris mark Shivratri
with message of peace, harmony

 

Strap/Blurb

Eminent citizens of region honoured, as stress is laid on purity of soul at day-long event; awareness programmes that had started a month ago conclude with a 3-km walk at the Brahmkumaris Centre

Chandigarh Shivratri is not a festival that we can celebrate a single day in a year at out places of worship. It is a concept and connection with all-supreme god that continues all through our lives, with this though, Brahmkumaris celebrated the festival of Shivrari at its regional centre on Monday. The day also marked the conclusion of month-long programmes for Shivratri by the Brahmakumaris in Chandigarh and the surrounding region.

The programmes saw 25 centres of the organization and around 1,000 people associated with these, called Brahmkumaris, spread the message of Shiv Baba. On Monday early morning, around 1,500 Brahmakumaris marched through Sectors 32 and 33 for around 3km with the message of Shiv.

At the Rajyoga Bhawan in Sector 33, a small function was organized to honour prominent personalities like Dr Pam Rajput, former chairperson, high-level Committee on the Status of Women, Government of India; Paramjit Singh, director, Regional Centre for Entrepreneurship Development, Chandigarh; Ram Kumar Garg, founder, Second Innings Association (SIA),Chandigarh. Others honoured were renowned social worker and RTI activist, Dr Sanjeev Kamboj, president & founder, Udham, NGO, Chandigarh; Sadhna Sanger, president, ‘WE’, a group of women artists in Chandigarh and Dr Anuradha Sharma, founder, Humari Kaksha, Chandigarh.

Brahmkumari Bhrata Amir Chand, national vice-person, social wing, Brahma Kumaris director, Brahma Kumaris north zone,  said, “We need to lay stress on understanding the real meaning of devotion and the power of Shiv. Love and tolerance are virtues that stay forever.”

Rajyoga meditation session held

In the evening, another function was held to meditate on the teachings of Shiv where UT adviser Manoj Parida was the chief guest with MC additional commissioners Saurabh Mishra and Anil Kumar Garg as the guest of honour. All dignitaries agreed that peace was the way forward for the world and the Brahmakumaris was doing a good job in this direction. Brahma kumari Neha conducted a 10-minute Rajyoga mediation session for all present. This was well-appreciated by the audience.

BK Amirchand Bhai (Chandigarh) in Malaysia

Brother BK Amir Chand of Chandigarh along with Sister BK Meera giving Godly message to BISHOP BERNARD PAUL at Johar Bahru, Malaysia.

चंडीगढ़ के सेक्टर 33 ए सेवाकेंद्र पर सिटी मेयर देवेश मौदगिल ने जन्माष्टमी

चंडीगढ़ के सेक्टर 33 ए सेवाकेंद्र पर सिटी मेयर देवेश मौदगिल ने जन्माष्टमी के अवसर पर शिरकत की जिन्हें राजयोग शिक्षिका बीके मनीषा ने म्यूज़ियम दिखाया व मेयर देवेश मौदगिल तथा सेवाकेंद्र प्रभारी बीके उत्तरा ने सेवाकेंद्र पर लगी सुंदर झांकी का उद्घाटन किया। इस झांकी में सतयुग राज दरबार, गोवर्धन पर्वत, श्याम सुंदर आदि झांकियां शामिल थी।